भागवानपुर। क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सूविधाएं देने के उद्देश्य से स्थापित भगवानपर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है। हालत यह है कि अस्पताल अब इलाज केंद्र के बजाय केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में उन्हें केवल रेफर पर्ची थमा दी जाती है। इससे आसपास के गांवों के लोग अपने आप को ठगा सा महस्स करते हैं और उन्हें इलाज के लिए रुडकी सिविल अस्पताल की दौड लगानी पडती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब हर मरीज को रुडकी ही रेफर किया जा रह है, तो फिर भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का क्या औचित्य रह जाता है।
बताया गया कि दोपहर करीब दो बजे के बाद यहां सिरदर्द की साधारण दवा तक मिलना मश्किल हो जाता है। भगवानपर क्षेत्र के करीब 106 गांवों और भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित लगभग तीन लाख की आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। वहीं भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 फैक्टियां संचालित हैं। डन फैक्टियों में कोई भी दर्घटना होने पर घायल कर्मचारी सबसे पहले इलाज के लिए डसी अस्पताल में लाए जाते हैं। लेकिन अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन और हडी रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपर्ण डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। ऐसे में इन बीमारियों या चोटों से संबंधित मरीजों को भारी निराशा का सामना करना पड़ता है और उन्हें मजबूरन दूसरे अस्पतालों का रुख करना पडता है। इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से बना ट्रामा सेंटर भी उपेक्षा का शिकार होकर लावारिस हालत में पड़ा है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सूविधाएं बेहतर करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की जनता को समय पर उपचार मिल सके। डधर सीएमओ आरके सिंह ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो पर सुविधाएं बढ़ाने का हर संभव किया प्रयास किया जा रहा है।





