80 हजार करोड़ के कर्ज मे डूबा रहा उत्तराखंड,सरकार मंत्रियों पर महरबान,मंत्रियों का भत्ता 60 हजार से बढ़ाकर 90 हजार किया ।
उत्तराखंड सरकार पर 80 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज है, जिसके ब्याज को चुकाने में ही प्रदेश का खजाना खाली हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ, सरकार ने अपने मंत्रियों की सहूलियतों में एक और बड़ा इजाफा कर दिया है। सरकार ने मंत्रियों को मिलने वाले भत्ते की सीमा 60 हजार से बढ़ाकर सीधे 90 हजार रुपये कर दी है।
यानी अब मुख्यमंत्री से लेकर राज्य मंत्री तक, प्रदेश के भीतर और बाहर की यात्राओं के लिए हर महीने 30 हजार रुपये अतिरिक्त क्लेम कर सकेंगे। यह आदेश 29 जनवरी 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा, स्वाथ्य, सड़क, बिजली और इलाज अन्य सेवाओं के लिए बजट का रोना रोया जाता है, तब माननीयों पर यह मेहरबानी समझ से परे है।
राज्य बनने के समय (25 साल पहले) उत्तराखंड पर 4,500 करोड़ का कर्ज था। आज यह विस्फोटक स्थिति में पहुंचकर 80,000 करोड़ हो चुका है। फैसला: आर्थिक तंगी के बावजूद मंत्रियों के भत्ते में सीधे 50% की बढ़ोतरी की गई है।सवाल: जब वित्त विभाग बार-बार वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) की नसीहत दे रहा है, तो यह ‘सरकारी खर्ची’ क्यों?
यह पहली बार नहीं है जब ‘आर्थिक तंगी’ का हवाला देने वाली सरकार ने अपने नेताओं के लिए खजाना खोला है।





