भागवानपुर। पेड़ माफिया ठेकेदार बने विभाग का सिर दर्द, भगवानपुर तहसील के अलग-अलग बागों से रातों-रात हो जाते हैं आम के पेड़ गायब, कौन जिम्मेदार,विभागीय कर्मचारी खानापूर्ति करने लिए पैमास करने तक सीमित, कार्यवाही करने से कतराते हैं अधिकारी।
भगवानपुर तहसील में लगातार पेड़ काटने का मामला सामने आ रहा है। जिसमें पेड़ माफिया ठेकेदार अलग-अलग जगहों से आम के पेड़ों पर आरिया चलाकर उन्हें रातों-रात गबन कर देते हैं। और पिछले कुछ महीनों से यह आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा हैं। पेड़ माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि वह रात के अंधेरे का सहारा लेकर रातों रात आम के हरे-भरे बगीचे से कई कई पेड़ काटकर उनकी जड़े भी निकालकर गबन तक कर देते हैं। ऐसा ही जहां पर पेड़ माफिया ठेकेदारों ने चुड़ियाला रोड व क्षेत्र मे आम के बाग से रातों-रात दर्जन भर पेड़ गायब कर दिए गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी में यह भी पता चला है कि चार से पांच दिन पहले भगवानपुर कस्बे में कुछ ठेकेदारों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच पेड़ों की साठ गांठ को लेकर एक मीटिंग की गई थी। जिन ठेकेदारों के साथ वन विभाग के कर्मचारी चाय की चुस्की लेते हैं वही ठेकेदार विभाग के लिए लगातार सिर दर्द बने हुए हैं। दरअसल खेलपुर रोड से कुछ दिनों पहले भी आम के पेड़ काटे गए थे जिनका भगवानपुर क्षेत्रीय वन विभाग कर्मचारी अभी तक कोई सुराग नहीं जुटा पाए हैं। पेड़ माफिया ठेकेदार इतने शातिर है कि वह रात का अंधेरा होते ही सतर्क हो जाते हैं और रातों-रात साठ गांठ कर पेड़ों को ठिकाने लगाने में कामयाब हो जाते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि भगवानपुर क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी क्षेत्रीय है और उन्हीं की सह पर ठेकेदार पेड़ काटने में कामयाब हो रहे हैं। जब मीडिया मौके पर पहुंचती है तो वन विभाग के कर्मचारी पता होने पर भी अनजान बन जाते हैं और कहते हैं कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं थी। जब इस मामले की जानकारी वन विभाग के दरोगा अनुज क्षेत्रीय इंचार्ज से ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक पेड़ काटने वाले ठेकेदार और बाग स्वामी का कोई पता नहीं चल पाया है जल्द ही ठेकेदार और बाग स्वामी पर कार्यवाही की जाएगी।





